इतिहास &
एक्यूप्रेशर छः हजार वर्ष पुरानी चिकित्सा प्रणाली है। बोध भिक्षु इस प्रणाली को भारत से चीन ले गए। वहां इस चिकित्सा पद्धति को उन्होने इसे संर्वक्षीत व इस का विकास किया। वर्तमान में यह चीनी चिकित्सा पद्धति के नाम से विख्यात हो गयी हैं।
सिद्धांत &
मानव शरीर की रक्तवाहिकाओं तथा स्नायु संस्थान की सभी नाडि़यों के अंतिम सिरे हाथ पैर में व शरीर पर निशिचत किए हुए लाभ बिन्दुओं पर होते हैं। संबंधित अंग की नर्व एनिडग पर या लाभ बिन्दुओं पर दबाव देने से उक्त अंग प्रभावित होता है। दबाव की एक निशिचत प्रतिकि्रया हसेती है। दबाव द्वारा संबंधित अंगों की कार्य क्षमता में वृद्धि की जा सकती हैं और रोग मुक्त किया जा सकता हैं। |
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एक्यूप्रेशर द्वारा शरीर पर प्रभाव &
- स्नायु संस्थान में आर्इ विकृति को दूर करना।।
- अन्त्रः स्त्रावी ग्रंथियों का कार्य उचित प्रकार से करना।
- मस्कुलर टिशु में आवश्यक लचक पैदा करना।
- त्वचा में स्फूर्ति पैदा करना।
- शरीर के आवश्यक तत्वों का उचित प्रसार एवं प्रवाह करना।